Wakf Bill: राज्यसभा ने शुक्रवार को वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को लंबी चर्चा के बाद पारित कर दिया। 95 के मुकाबले 128 मतों से इस विधेयक को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही संसद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 को भी स्वीकृति प्रदान कर दी। लोकसभा ने बुधवार देर रात इन विधेयकों को पारित किया था।
विधेयक से वक्फ संपत्तियों की निगरानी होगी सख्त
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि इस कानून से देश के गरीब और पसमांदा मुसलमानों, विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं। वर्ष 2006 में यह संख्या 4.9 लाख थी, लेकिन तब इनसे मात्र 163 करोड़ रुपये की आय हो रही थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विधेयक के तहत मुतवल्ली (वक्फ संपत्ति का प्रबंधन करने वाले) के प्रशासन और संपत्तियों पर निगरानी के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा, “सरकार वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन नहीं करती और उनमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करती।”
जेपीसी की रिपोर्ट के आधार पर हुए महत्वपूर्ण बदलाव
रीजीजू ने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट के अनुसार विधेयक में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें जिलाधिकारी से ऊपर के रैंक के किसी अधिकारी को वक्फ घोषित की गई सरकारी जमीन की जांच करने की अनुमति देने का सुझाव शामिल है। उन्होंने कहा कि वक्फ मामलों में केवल मुसलमानों की भागीदारी होगी और किसी अन्य का हस्तक्षेप नहीं होगा।
पीएम मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक क्षण’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में विधेयक के पारित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक-आर्थिक न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा, “वक्फ प्रणाली दशकों से पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का प्रतीक बनी हुई थी, जिससे हाशिये पर खड़े लोगों को नुकसान हो रहा था। यह विधेयक उनके हितों की रक्षा करेगा और समावेशी विकास को बढ़ावा देगा।”