Ranchi: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने वक्फ बिल संशोधन को जनविरोधी और संविधान पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून मुस्लिम समाज को कमजोर करने की एक साजिश है।
यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी की मंशा साफ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ कानून के माध्यम से मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों को पूंजीपतियों के हाथों बेचा जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि बीजेपी सरकार में एक भी मुस्लिम सांसद या मंत्री नहीं है, जिससे उनकी नीयत पर सवाल उठना लाजिमी है।
बीजेपी की कट्टरपंथी राजनीति और मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप
यादव ने कहा कि भाजपा कट्टरपंथी विचारधारा वाली पार्टी है और वह पसमांदा मुस्लिम समाज के लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि नया कानून बहुसंख्यक निम्न-मध्यम वर्गीय मुस्लिम समाज के लिए न्याय पाना कठिन बना देगा, क्योंकि वे आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े हैं।
मोदी सरकार की नीतियां फेल, सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट करने की राजनीति
राजद नेता ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, भूखमरी, असुरक्षा और तुष्टिकरण की राजनीति ने देश को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक, शिक्षा, कृषि, उद्योग और विदेश नीति पूरी तरह विफल हो गई है। लेकिन इन मुद्दों पर काम करने के बजाय सरकार मुस्लिम समुदाय को निशाना बना रही है।
वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ जन आंदोलन की जरूरत
यादव ने कहा कि इस कानून के खिलाफ देशभर में व्यापक जन आंदोलन की जरूरत है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों को एकजुट होकर इस काले कानून के खिलाफ सड़क पर उतरना होगा, ताकि इसे कृषि कानून की तरह वापस कराया जा सके।
नीतीश, नायडू, चिराग, मांझी और अजीत पवार पर हमला
कैलाश यादव ने वक्फ बिल संशोधन का समर्थन करने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान, अजीत पवार और जीतनराम मांझी जैसे नेताओं ने धर्मनिरपेक्षता को कलंकित किया है। ऐसे नेताओं को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।यादव ने कहा कि मोदी सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कानून ला रही है, लेकिन राजद और अन्य विपक्षी दल इसे सफल नहीं होने देंगे।