Friday, April 4, 2025
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झारखंड के आदिवासी अन्य राज्यों में अधिक सुरक्षित: राफिया नाज़

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 46वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दिए गए बयान पर भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को “हवा-हवाई” करार देते हुए कहा कि इसकी कोई वास्तविकता नहीं है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा था कि पूरे देश में जहां कहीं भी आदिवासी हैं, वे झारखंड आएं, हम उन्हें बसाएंगे।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड के आदिवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।”

बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर चिंता

राफिया नाज़ ने राज्य में बढ़ती घुसपैठ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण झारखंड के आदिवासी समुदाय की जमीन और संसाधनों पर अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये घुसपैठी न केवल आदिवासियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुके हैं, बल्कि उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान मिटाने की साजिश भी कर रहे हैं।”

उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे पहले राज्य में आदिवासी सुरक्षा सुनिश्चित करें, फिर उन्हें झारखंड आने का न्योता दें।

आदिवासियों के विकास पर भी उठाए सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड के आदिवासी समाज के विकास को लेकर भी राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज भी झारखंड के आदिवासी मूलभूत सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

राफिया नाज़ ने कहा, अगर मुख्यमंत्री वास्तव में आदिवासी समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उन्हें राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा आदिवासी समुदाय के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और सरकार से इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग करती है।

भाजपा ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

राफिया नाज़ ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि झारखंड में आदिवासियों को पूरी सुरक्षा और न्याय मिले। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेती, तो आने वाले समय में यह झारखंड की सामाजिक संरचना और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हवा में बातें करने के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए। अगर झारखंड को आदिवासियों के लिए सुरक्षित बनाना है, तो सबसे पहले बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकना होगा।”

 

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