रांची: कांके पिठोरिया थाना क्षेत्र में सरहुल की शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा के विरोध में गुरुवार को आदिवासी समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पिठोरिया में बंद बुलाया और पतरातू रोड को जाम कर दिया। वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र के हेड़ाबालू गांव की है। सरहुल जुलूस के दौरान गांव में लगी झालर जुलूस के झंडे से टकराकर टूट गई। यह झालर दूसरे पक्ष के लोगों ने लगाई थी। झालर टूटने से नाराज लोगों ने सरहुल जुलूस में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।
गांव में तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
इस झड़प की सूचना पर डीएसपी मुख्यालय अमर कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने गांव में सड़क जाम कर धरना देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया। डीएसपी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और मामले की जांच जारी है।
अब तक दो गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन आदिवासी समुदाय बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है। इसी को लेकर गुरुवार को आदिवासी समुदाय के लोग सड़क पर उतरे और पिठोरिया चौक बंद कर दिया।
नेताओं ने जताया आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर कई भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने हेमंत सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय सरना समिति ने दी थी चेतावनी
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने प्रशासन से 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पिठोरिया चौक को बंद कर दिया जाएगा। गिरफ्तारी में देरी के कारण ही आदिवासी समुदाय के लोग गुरुवार को सड़क पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया।
स्थिति पर पुलिस की नजर
फिलहाल पुलिस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोषियों की पहचान कर रही है। डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद सभी दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।