Ranchi: झारखंड के जोहार वन विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण वन प्रबंधन और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। विभाग में स्वीकृत 5,626 पदों में से वर्तमान में केवल 1,818 कर्मचारी ही कार्यरत हैं।
सेवा निवृत्त क्षेत्र पदाधिकारियों को कई-कई क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे वन विभाग का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। वनों की कटाई और अवैध शिकार जैसी घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और राबता हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी मतलूब इमाम ने इस मामले को गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध किया है कि इस समस्या की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वन संपदा को बचाया जा सके और वन विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके।
वन विभाग में रिक्तियों को जल्द से जल्द भरा जाना आवश्यक है ताकि वनों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सके।
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