KhabarMantraLive: भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कोल इंडिया मुख्यालय में चेयरमैन पी.एम. प्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के कोल उद्योग प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी ने किया। उनके साथ अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष संजय कुमार चौधरी, महामंत्री सुजीत सिंह, उप महामंत्री आशीष मूर्ति, रंजन बेहरा, सुश्री सुष्मिता पटेल सहित कोल इंडिया कोलकाता मुख्यालय के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
कामगारों की प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान संगठन ने कोयला कर्मचारियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों को चेयरमैन के समक्ष रखा। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा हुई—
- स्थायी कर्मचारियों की घटती संख्या पर चिंता: संगठन ने कोयला उद्योग में स्थायी कर्मचारियों की घटती संख्या को लेकर चिंता जताई और इसमें रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
- पेंशन वृद्धि: कोयला कर्मचारियों की पेंशन स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रति टन 10 रुपये की मौजूदा राशि को बढ़ाकर 20 रुपये करने की मांग की गई।
- ठेका श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन: संगठन ने मांग की कि ठेका श्रमिकों, जो एचपीसी के तहत नहीं आते, उन्हें राज्य या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाए। साथ ही, उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आवास सुविधा: संगठन ने यह भी मांग की कि सेवा निवृत्त स्थायी कर्मचारियों को आवास आवंटन की सुविधा प्रदान की जाए।
- माइंस विस्तारीकरण और सुरक्षा: कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए माइंस विस्तारीकरण की समस्याओं का समाधान निकालने और खदानों में बढ़ रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई।
- विशेष अस्पताल निर्माण: सभी सब्सिडियरी कंपनियों में सुपर मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कोल इंडिया चेयरमैन का आश्वासन
कोल इंडिया चेयरमैन पी.एम. प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और जल्द ही इन पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन कामगारों की भलाई के लिए हरसंभव प्रयास करेगा और उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
बैठक के दौरान विभिन्न अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मजदूर संघ कोयला कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है।