रांची: झारखंड में डीजीपी (DGP) की नियुक्ति एक बार फिर से राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा आईपीएस अनुराग गुप्ता को प्रभारी डीजीपी नियुक्त करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को स्थायी डीजीपी की नियुक्ति करनी चाहिए।
JMM का BJP पर पलटवार
बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी पहले अपने संगठन को मजबूत करे। उन्होंने कहा,
“बीजेपी शासित राज्यों समेत दक्षिण भारत के कई राज्य अपनी समझ से डीजीपी की नियुक्ति करते हैं। फिर झारखंड सरकार के फैसले पर बीजेपी को परेशानी क्यों हो रही है?”
BJP नेता प्रतिपक्ष के चयन पर भी उठे सवाल
सुप्रियो भट्टाचार्य ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद झारखंड में नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा,
“बीजेपी अपने लिए एक प्रदेश अध्यक्ष तक तय नहीं कर पा रही है। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि पार्टी अब तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष भी घोषित नहीं कर सकी?”
क्या है विवाद की जड़?
झारखंड में डीजीपी नियुक्ति को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार को घेर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, डीजीपी की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा चुनी गई सूची में से की जानी चाहिए। लेकिन झारखंड सरकार ने अभी तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है।
राजनीतिक तकरार जारी
झारखंड में डीजीपी नियुक्ति का मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और बीजेपी आगे इस मामले को कैसे उठाती है।