KML Desk: संसद के शीतकालीन सत्र के 17वें दिन लोकसभा में ‘One Nation One Election’ यानी ‘एक देश एक चुनाव’ बिल पेश हो गया। इससे पहले इस बिल को पेश करने के पक्ष में कुल 269 वोट पड़े, जबकि विरोध में 198 वोट पड़े। इसी के साथ ‘एक देश एक चुनाव’ बिल को चर्चा के लिये बहुमत से स्वीकार कर लिया गया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बिल के लिये 129वां संविधान संसोधन बिन सदन में पेश करने का प्रस्ताव किया। कांग्रेस, सपा, टीएमसी से लेकर तमाम विपक्षी पार्टियों ने इस बिल को पेश करने का विरोध किया। वहीं, शिवसेना और टीडीपी जैसे एनडीए के घटक दलों ने बिल को पेश करने का खुलकर समर्थन किया।
बिल को पेश करने के पक्ष में 269 और विरोध में 198 वोट पड़े
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस बिल को स्वीकर करने को लेकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग करायी। पक्ष में 220 और विरोध में 149 वोट पड़े। इस पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जतायी, जिसके बाद पर्ची से वोटिंग करायी गयी। इसके बाद वोटों की गिनती की गयी, तो ‘एक देश एक चुनाव’ बिल को स्वीकार करने के पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट पड़े। इस बिल को ‘संविधान 129वां संसोधन’ बिल नाम दिया गया है। अब इस बिल को चर्चा के लिये JPC यानी संयुक्त संसदीय समिति में भेजा जायेगा।
PM मोदी ने कैबिनेट में बिल को JPC में भेजने का दिया था सुझाव
गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि कैबिनेट में इस बिल के आने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इसे जेपीसी को दे देना चाहिए और विस्तृत स्क्रूटनी होनी चाहिए। जब जेपीसी की रिपोर्ट के साथ कैबिनेट इसे फिर से पारित करेगी, तब इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होगी। वहीं, कानून मंत्री ने कहा कि इतनी जो चर्चा हुई है, इसका जवाब देकर जेपीसी के गठन की बात करूंगा। इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने सदन में कहा कि इस बिल पर अपने विचारों के रखने के लिये सदन के सदस्यों को पर्याप्त समय दिया जायेगा।