Ranchi: वक्फ संपत्तियों से जुड़े नए विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने इसे देश के संविधान पर सीधा हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर कुठाराघात है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करता है।
अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर केंद्र सरकार का प्रहार, लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं
डॉ. अंसारी ने कहा, “आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए काले अक्षरों में लिखा जाएगा। यह बिल जबरन संसद में लाया गया है, जिसका मकसद अल्पसंख्यकों की संपत्तियों पर नियंत्रण पाना है। भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर देश को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। लेकिन हम इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां देश में भाईचारे को खत्म करने और सांप्रदायिक विभाजन बढ़ाने का काम कर रही हैं। “जब पूरी दुनिया विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही है, तब हमारी सरकार नफरत की राजनीति में उलझी हुई है। यह बिल पूरी तरह असंवैधानिक है और मूल अधिकारों का हनन करता है,” उन्होंने कहा।
‘साजिश को जनता माफ नहीं करेगी‘
डॉ. अंसारी ने कहा कि इस बिल का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं को जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “सेकुलर दिखने वाले कुछ नेता भाजपा की साजिशों का साथ दे रहे हैं, लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। आने वाले चुनाव में इसका जवाब जरूर मिलेगा।”
‘संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा‘
कांग्रेस विधायक ने इस बिल का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसे पूरी तरह से खारिज करती है। उन्होंने कहा, “हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। यह लड़ाई सिर्फ अल्पसंख्यकों की नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस कानून का विरोध करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आएं।
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