Ranchi: झारखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत वक्फ संशोधन बिल और वन अधिकार अधिनियम 2006 में बदलाव को लेकर विरोध जताया है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शहजादा अनवर, और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर समेत कई प्रमुख नेताओं ने प्रेस वार्ता में इन मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त की। साथ ही काला बिल्ला लगाकर वक्फ बिल का विरोध किया।
हिंदू-मुसलमान के बीच हो विवाद इस लिए किया जा रहा बिल में संशोधन
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो ने कहा कि वक्फ बिल में संशोधन हिंदू-मुसलमान के बीच विवाद पैदा करने वाला है। उनका कहना था कि इस संशोधन के तहत वक्फ बोर्ड परिसद में गैर-मुसलमानों को शामिल करने का प्रस्ताव वक्फ संपत्ति के प्रतिनिधित्व और प्रशासन में हस्तक्षेप करेगा, जो पारंपरिक रूप से इस्लामिक समुदाय के लिए आरक्षित है। यह कदम वक्फ संपत्तियों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को खतरे में डाल सकता है, जिससे मुसलमानों में असंतोष पैदा हो सकता है।
वन अधिकार अधिनियम को लेकर जताई चिंता: केशव महतो कमलेश
इसके साथ ही उन्होंने वन अधिकार अधिनियम 2006 में बदलाव को लेकर भी चिंता जताई। महतो ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस कानून की उपेक्षा कर रही है, जिसके कारण लाखों आदिवासियों को अपने पारंपरिक जल, जंगल, और जमीन से बेदखल होने का खतरा है। उन्होंने बताया कि 2006 में कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए यह अधिनियम बनाया था, लेकिन 2019 में केंद्र सरकार ने बिना जांच के आदिवासियों के पट्टे रद्द कर दिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई का आदेश दिया है, लेकिन केंद्र सरकार की उदासीनता के कारण लाखों आदिवासी प्रभावित हो सकते हैं। झारखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इन दोनों मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि आदिवासियों और मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।