गढ़वा: गढ़वा जिले में 29 जनवरी को हुए सनसनीखेज सोना-चांदी लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक कुमार पांडे ने समाहरणालय स्थित सभागार में प्रेस वार्ता कर इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रंका-चिनिया मार्ग पर चाकू की नोक पर एक व्यापारी से लूटपाट की गई थी। इस मामले में पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लूट का सामान बरामद कर लिया है।
अपराध की साजिश कैसे बनी?
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि इस लूटकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित व्यापारी के बेटे का दोस्त अभिषेक चौधरी था। घटना से एक दिन पहले उसने पीड़ित के घर पर खाना खाया और रातभर वहीं रुका। उसे व्यापारी के रोजाना के कामकाज और दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ लूट की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
गढ़वा पुलिस ने इस लूटकांड के खुलासे के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रोहित रंजन सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआईटी) का गठन किया। इस टीम में पुलिस निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान, थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी, प्रभात कुमार, अनिल हेंब्रम, राजेश कुमार झा, विनय कुमार पांडे समेत पुलिस बल शामिल थे।
एसआईटी को सूचना मिली थी कि 2 फरवरी को तेनुडीह जंगल में लूटा गया सामान बांटने के लिए कुछ अपराधी एकत्रित होने वाले हैं। इस पर पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों के नाम:
- मनीष कुमार भुईयां उर्फ कुजुर
- अभिषेक चौधरी
- मिथुन कुमार महतो
- विशाल कुमार चौधरी
बरामद सामान:
-लूटा गया सोना-चांदी
-एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस
-लूट में इस्तेमाल बाइक (JH-03R-2463)
-पीड़ित का मोबाइल फोन
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और लूटपाट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के अन्य अपराधियों से कोई संबंध तो नहीं है।गढ़वा पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है और इलाके में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश गया है। पुलिस की तत्परता से आम जनता में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।