KhabarMantraLive: दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रेखा गुप्ता को दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के रूप में चुना है। पहली बार विधायक बनीं रेखा गुप्ता के नाम की घोषणा बीजेपी विधायक दल की बैठक में की गई। बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में रविशंकर प्रसाद और ओम प्रकाश धनखड़ मौजूद रहे।
27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की वापसी
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 में से 48 सीटें जीतीं और 27 साल बाद राजधानी में सत्ता में वापसी की। शालीमार बाग (उत्तर-पश्चिम) सीट से चुनाव जीतकर आईं रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदवार बंदना कुमारी को हराया। उन्हें 68,200 वोट मिले।
1992 से राजनीति में सक्रिय, नगर निगम से मुख्यमंत्री तक का सफर
रेखा गुप्ता की राजनीतिक यात्रा 1992 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से शुरू हुई, जहां उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ काम किया। 1996-97 में वह डूसू (दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन) की अध्यक्ष बनीं और छात्र हितों के लिए संघर्ष किया।
2007 में उत्तरी पीतमपुरा से पार्षद चुनी गईं, जहां उन्होंने लाइब्रेरी, पार्क और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। 2012 में फिर से पार्षद बनीं और बाद में दक्षिण दिल्ली नगर निगम (SDMC) की मेयर के रूप में कार्य किया। प्रशासनिक अनुभव के साथ उन्होंने पार्टी में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
महिलाओं और शिक्षा के लिए किया सराहनीय कार्य
रेखा गुप्ता ने महिलाओं और छात्रों के हित में कई कार्य किए हैं। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए “सुमेधा योजना” शुरू की। महिला कल्याण और बाल विकास समिति की प्रमुख के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण की कई योजनाओं पर काम किया।
आरएसएस से जुड़ाव और बीजेपी में भूमिका
रेखा गुप्ता पिछले 32 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी रही हैं। 2002 में वह बीजेपी में शामिल हुईं और पार्टी की युवा शाखा की राष्ट्रीय सचिव के रूप में काम किया। उन्होंने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
रामलीला मैदान में लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
रेखा गुप्ता गुरुवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य शीर्ष बीजेपी नेता मौजूद रहेंगे।
दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस पर होगी कि रेखा गुप्ता अपनी सरकार के पहले 100 दिनों में क्या बड़े फैसले लेती हैं।