KhabarMantraLive: संसद में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस कानून को लेकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून रेट्रोस्पेक्टिव (पिछली तारीख से लागू) नहीं होगा, बल्कि जिस दिन सरकार इसका गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी, उसी दिन से प्रभावी होगा।
‘मुगल काल की प्रैक्टिस आज नहीं चलेगी’
अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि सदियों से चली आ रही परंपराओं को खत्म किया जा रहा है। इस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मुगलों के समय की प्रैक्टिस को आप आज लागू नहीं कर सकते। वक्फ की संपत्तियों को बिना किसी प्रक्रिया के पंजीकृत नहीं किया जा सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट में सिविल सूट की सुविधा समाप्त कर दी गई थी, जिससे मूल मालिकों को न्याय नहीं मिल पा रहा था।
‘हम वोटबैंक की राजनीति नहीं करते’
गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार न्याय के लिए कानून लाती है, न कि वोटबैंक की राजनीति के लिए। उन्होंने महिला आरक्षण कानून और पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने जैसे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता और न्याय को प्राथमिकता देती है।
‘गैर-मुस्लिमों की संपत्ति पर वक्फ का अधिकार खत्म’
अमित शाह ने बताया कि इस बिल के जरिए गैर-मुस्लिमों की दान की गई संपत्तियों पर वक्फ अधिनियम लागू होने से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2013 में जो संशोधन हुआ था, उसमें बिना उचित चर्चा के कानून पास कर दिया गया था, लेकिन इस बार दोनों सदनों में 16 घंटे तक चर्चा हुई और हजारों सुझाव प्राप्त किए गए।
‘गरीब मुसलमानों की संपत्ति को लूटने नहीं देंगे’
अमित शाह ने मणिपट्टी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वक्फ की 1.38 लाख एकड़ जमीन को किराए पर दिया गया था, जिसमें कई निजी संस्थानों को सौ-सौ साल की लीज पर जमीनें दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने वक्फ की संपत्तियों को औने-पौने दामों पर किराए पर देकर भ्रष्टाचार किया। उन्होंने कहा, “यह संपत्ति गरीब मुसलमानों की भलाई के लिए है, इसे धन्नासेठों की चोरी के लिए इस्तेमाल नहीं करने देंगे।”
‘कांग्रेस ने लुटियंस दिल्ली की 125 संपत्तियां वक्फ को दीं’
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने दिल्ली के लुटियंस जोन की 125 संपत्तियां वक्फ को सौंप दी थीं। उन्होंने कहा कि उत्तर रेलवे और हिमाचल प्रदेश की सरकारी जमीन को भी वक्फ संपत्ति बताकर ट्रांसफर कर दिया गया था।
‘कोर्ट में चुनौती देने का अधिकार वापस मिला’
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2013 के संशोधन के तहत वक्फ से जुड़े फैसलों को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती थी, लेकिन नए संशोधन में अब यह प्रावधान हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता के पक्ष में है और किसी भी अन्याय को सहन नहीं किया जाएगा।
‘मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने की कोशिश न करें’
अमित शाह ने विपक्षी दलों पर मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने का आरोप लगाया और कहा कि वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद का काम पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ से जुड़े धार्मिक कार्यों में सरकार कोई दखल नहीं देगी, लेकिन भ्रष्टाचार और अवैध कब्जे को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वक्फ संपत्तियां उसी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल हों, जिनके लिए वे बनाई गई थीं, न कि किसी राजनीतिक फायदे के लिए।”
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