Bokaro: बोकारो में विस्थापितों और सीआईएसएफ के बीच हुए संघर्ष के बाद जिले में तनावपूर्ण हालात बन गए हैं। उपायुक्त विजया जाधव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसएल के मुख्य महाप्रबंधक हरि मोहन झा की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई तीन अप्रैल को हुए उस लाठीचार्ज के मामले में की गई है, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी।
तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
घटना के बाद उपायुक्त ने देर रात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। यह समिति चास की एसडीओ प्रांजल की अगुवाई में काम करेगी। इसमें बोकारो की डीएसपी और कार्यपालक दंडाधिकारी जया कुमारी को भी सदस्य बनाया गया है। कमेटी को सीसीटीवी फुटेज, मीडिया रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
लाठीचार्ज के विरोध में उग्र हुए लोग, कई गाड़ियों में लगाई आग
लाठीचार्ज में प्रेम महतो नामक युवक की मौत के बाद विस्थापितों और राजनीतिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को बोकारो बंद का आह्वान किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पांच बड़े वाहनों और एक बाइक में आग लगा दी। शहर के चौक-चौराहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया और बाजार को बंद करा दिया गया।
प्रदर्शनकारियों की चेतावनी – दोषी निलंबित हों, नहीं तो बीएसएल का उत्पादन होगा ठप
आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने बोकारो जनरल हॉस्पिटल और बीएसएल के मेन गेट व सीइजेड गेट को जाम कर दिया। साथ ही एडीएम बिल्डिंग और अस्पताल के सामने घेराव किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और जवानों को तत्काल सस्पेंड किया जाए, अन्यथा बीएसएल का उत्पादन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
4500 विस्थापित परिवारों का मामला, लंबे समय से चल रहा आंदोलन
बताया जा रहा है कि बीएसएल परियोजना के तहत 4500 विस्थापित परिवारों को चिह्नित किया गया था, जिनमें से पहले चरण में 1500 लोगों को अप्रेंटिसशिप दिया गया था। विस्थापित संगठन लंबे समय से नौकरी और पुनर्वास की मांग कर रहे थे।
राजनीतिक संगठनों का समर्थन, आजसू ने किया बंद का आह्वान
इस घटना के विरोध में आजसू पार्टी और अन्य विस्थापित संगठनों ने चार अप्रैल को बोकारो बंद का ऐलान किया है। भाजपा और जेएलकेएम ने भी बंद का समर्थन किया है। स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।