प्रयागराज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 5 फरवरी को प्रयागराज के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने त्रिवेणी संगम में गंगा स्नान किया। पीएम मोदी अरैल घाट से नाव के जरिए संगम पहुंचे और यहां विधिवत स्नान किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम भी मौजूद रहे। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए प्रयागराज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
महाकुंभ के बाद पीएम मोदी का पहला दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले 13 दिसंबर 2024 को प्रयागराज आए थे, जब उन्होंने 5,500 करोड़ रुपये की 167 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। महाकुंभ के शुरू होने के बाद यह उनका पहला प्रयागराज दौरा है, जिसे लेकर खास तैयारियां की गई हैं।
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई।
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— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 5, 2025
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए प्रयागराज और महाकुंभ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। डॉग स्क्वायड और एंटी सेबोटाज टीमों ने प्रमुख स्थलों की गहन जांच की। साथ ही, एटीएस, एनएसजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। संगम क्षेत्र में पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी का पूरा कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे। उनके कार्यक्रम में बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब वे महाकुंभ में केवल एक घंटे तक रहेंगे। पीएम मोदी सुबह 10:05 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए अरैल स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के हेलीपैड पर उतरे। इसके बाद जल मार्ग से संगम पहुंचे, जहां उन्होंने 11:00 बजे से 11:30 बजे तक स्नान किया।
श्रद्धालुओं के लिए कोई रास्ता बंद नहीं होगा
पीएम मोदी के इस दौरे को श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लान किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संगम की ओर जाने वाले रास्तों पर किसी भी प्रकार का डायवर्जन या प्रतिबंध नहीं रहेगा। हालांकि, वीआईपी घाट तक जाने वाले कुछ रास्तों पर थोड़ी देर के लिए यातायात नियंत्रित किया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे को महाकुंभ की तैयारियों और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके गंगा स्नान और महाकुंभ में उपस्थिति से आयोजन को लेकर नई ऊर्जा देखने को मिली है।